शहर चुनें
20°C Delhi
शहर चुनें
ब्रेकिंग न्यूज 2 महीने पहले
मेहंदी और डाई के बिना बालों को करना है काला, तो अपनाएं ये सस्ता और आसान उपाय
महीने भर का दीजिए 4,450 रुपये, मैच्योरिटी पर मिलेंगे लाखों रुपये, जानिए LIC की ये जबरदस्त स्कीम
मुहांसों को दूर कर फेस को क्लीन और चमकदार बनाएगी तुलसी, बस जान लीजिए सेवन का सही तरीका
ऑनलाइन गेम की लत: गाजियाबाद में तीन बहनों की तरह भोपाल में भी 14 साल के छात्र ने दी जान
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन को संसद भवन में मिला कमरा,अटल और आडवाणी का भी रह चुका ठिकाना
नए अवतार में दिखीं ममता, सुप्रीम कोर्ट में पहली बार किसी CM ने की बहस, जजों ने भी ध्यान से सुनी बात

अपना शहर चुनें

शेखपुरा
लखीसराय
पटना
बेगूसराय
जमुई
नवादा
नालंदा
मुंगेर
गया
भागलपुर
दरभंगा
मुजफ्फरपुर
भोजपुर
रोहतास
औरंगाबाद
सीतामढ़ी

मौसम के लिए शहर चुनें

दिल्ली
मुंबई
कोलकाता
बेंगलुरु
चेन्नई
हैदराबाद
पुणे
अहमदाबाद
जयपुर
लखनऊ
पटना
रांची
Scroll to Top

मजदूरों की कमी से नहीं थमेगी खेती की रफ्तार: खरपतवार हटाने लगे एआई रोबोट, इस देश में हुआ ट्रायल

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)...
Advertisement

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस एक रोबोट कैलिफोर्निया की कपास की खेती में खरपतवार को सावधानी से निकाल रहा है। अब मजदूरों की कमी से खेती की रफ्तार नहीं थमने वाली है।

अमेरिका के कई हिस्सों में खेतों में मजदूरों की भारी कमी और खरपतवारनाशकों के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता के चलते, Aigen नाम की स्टार्टअप कंपनी ने “Element” नामक एक रोबोट तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक किसानों के पैसे बचाएगी, पर्यावरण की रक्षा करेगी और खाने को हानिकारक रसायनों से मुक्त रखेगी।

Advertisement
Advertisement

Aigen के सह-संस्थापक और मुख्य तकनीकी अधिकारी रिचर्ड वुर्डन ने AFP को बताया, “मुझे सच में लगता है कि मानव स्वास्थ्य सुधारने के लिए यह सबसे बड़ा कदम है। हर कोई ऐसा खाना खा रहा है, जिस पर रसायन छिड़के गए हैं।”

टेस्ला में पांच साल काम कर चुके मैकेनिकल इंजीनियर वुर्डन ने बताया कि उन्होंने यह रोबोट तब बनाना शुरू किया जब मिनेसोटा में रहने वाले उनके रिश्तेदारों ने बताया कि खरपतवार हटाना एक महंगा सिरदर्द बन चुका है। खरपतवार अब रसायनों के प्रति प्रतिरोधी हो चुकी हैं और श्रमिकों की कमी के कारण किसान मजबूरी में इन्हीं रसायनों का सहारा लेते हैं।

Aigen के सह-संस्थापक और CEO केनी ली ने कहा, “किसी भी किसान ने कभी नहीं कहा कि वो रसायनों से प्यार करता है। वो बस एक टूल की तरह इनका इस्तेमाल करते हैं — और हम इसका एक विकल्प बना रहे हैं।”

Anuradha Sharma

Anu Sharma is a dedicated journalist known for her sharp reporting and unbiased storytelling. She focuses on bringing truthful, impactful news to the public.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Scroll to Top